भजन संहिता 73 || दुष्टों की समृद्धि और धर्मी जन की पीड़ा || Ps Monish
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Description
भजन संहिता 73 || दुष्टों की समृद्धि और धर्मी जन की पीड़ा || Ps Monish 1. दुष्ट की समृद्धि और धर्मी जन की पीड़ा देखकर लगता है की परमेश्वर पक्षपात करता है 1.1 इस विचार की जड़ कुछ और नहीं परन्तु हमारी ईर्ष्या ही है 1.2 यह विचार परमेश्वर की सार्वभौमिकता और भलाई को नकारना है 1.3 यह विचार परमेश्वर निष्पक्षता पर सवाल उठाता है क्यूंकि हमारी सोच स्वकेन्द्रित और आत्म-तरस से भरा हुआ है 2. इस विषय पर परमेश्वर के अनंतकाल रूपी दृष्टिकोण को जानना हमें इस संघर्ष से बाहर निकल सकता है 2.1 एक विश्वासी होने की जिम्मेदारी को हमें पूरा करना है 2.2 कुछ करने से पहले, बाइबिल रूपी दृष्टिकोण से उस परिस्थिति को समझें 2.3 परमेश्वर के साथ और अन्य विश्वासियों के साथ समय बिताएं 2.4 मृत्यु और न्याय के बारे में परमेश्वर के अनंतकाल रूपी दृष्टिकोण को समझें Watch, Like, Subscribe Share & pray for our Team Our FACEBOOK page: - www.facebook.com/gloryapologetics Telegram : t.me/gloryapologetics Email: gloryapologetics@outlook.com