Sunday Prayer
from GA Regional
Description
अपने जीवन से घृणा करना - यूहन्ना 12:24-26 1. एक आदर्श: क्रूस पर अपना प्राण देकर यीशु ने बहुत फल प्राप्त किया 2. एक आदेश: यीशु के पीछे चलना है तो इस संसार में रहते हुए हमे अपने प्राण से प्रेम नहीं, पर घृणा करना होगा 2.1 यीशु के पीछे चलना है तो इस संसार में अपने प्राण से प्रेम न रखना है 2.1.1 इस संसार में अपने प्राण से प्रेम रखने का अर्थ अपने प्राण को केवल इस संसार के सन्दर्भ में देखना है 2.1.2 इस संसार में अपने प्राण से प्रेम रखने का अर्थ उन चीज़ों के लिए जीना है जिसके लिए इस संसार के लोग जीते हैं 2.1.3 इस संसार में अपने प्राण से प्रेम रखने का अर्थ निश्चित रूप से अपने प्राण को खोना है 2.2 यीशु के पीछे चलना है तो इस संसार में अपने प्राण से घृणा करना है 2.2.1 इस संसार में अपने प्राण से घृणा करना अनंत जीवन प्राप्त करने का तरीका नहीं है, बल्कि उन सभी लोगों की विशिष्टा है जिनके पास अनंत जीवन है 2.2.2 इस संसार में अपने प्राण से घृणा करना अपने स्वार्थ के प्रति मरना है ताकि हम यीशु की महिमा के लिए दूसरों से प्रेम रख सकें 3. एक प्रोत्साहन: यदि हम यीशु की सेवा करते हैं और उसका अनुसरण करते हैं, तो हम बहुत फल लाएंगे, हम सर्वदा उसके साथ रहेंगे 3.1 यीशु की सेवा करने के लिए, हमें अधिक फलवन्त होने का लक्ष्य लेके चलना होगा 3.2 यदि हम यीशु की सेवा करते हैं और उसका अनुसरण करते हैं, तो हम बहुत फल लाएंगे Watch, Like, Subscribe Share & pray for our Team Our FACEBOOK page: - www.facebook.com/gloryapologetics Telegram : t.me/gloryapologetics Email: gloryapologetics@outlook.com